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टांडा पुलिस ने साइबर स्लेवरी गिरोह का किया भंडाफोड़, दो मानव तस्कर गिरफ्तार

साकेत न्यूज काशी मिश्रा

अम्बेडकर नगर। क्षेत्राधिकारी टांडा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक टांडा के निर्देशन में उपनरीक्षक श्रीचन्द्र यादव मय टीम—उपनिरीक्षक राहुल कुमार पाण्डेय, कांस्टेबल धर्मेन्द्र यादव एवं कांस्टेबल राजकुमार—द्वारा थाना कोतवाली टांडा में पंजीकृत मुकदमा संख्या 379/25, धारा 143(2)/318(4) बीएनएस से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

जहाँ गिरफ्तार अभियुक्तों में मोहम्मद खलील पुत्र अमीन निवासी रसूलपुर, मुबारकपुर, थाना कोतवाली टांडा, तथा मोहम्मद साद पुत्र सरवर हुसैन निवासी येदिलपुर, अतरौलिया, जनपद आज़मगढ़ शामिल हैं। इन अभियुक्त गणों को दिनांक 18 नवंबर 2025 को रात्रि 11:10 बजे फुलवरिया हाईवे से कारण बताते हुए पुलिस हिरासत में लिया गया।

जिसके बाद टांडा पुलिस आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर दोनों को माननीय न्यायालय भेजा दिया वही पूरे मामले में नौकरी के बहाने विदेश भेजकर साइबर फ्रॉड कराने का खुलासा हुआ जिसमें आफताब आलम, निवासी थाना गोसाईगंज अयोध्या द्वारा जनता दर्शन में पुलिस अधीक्षक अम्बेडकर नगर को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि अभियुक्त खलील और साद ने उसे नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजा था। और विदेश पहुंचने पर आफताब को एक होटल में ठहराया गया। जहाँ उसे बताया गया कि रात में एक व्यक्ति के साथ बॉर्डर पार कराकर गोल्डन ट्रायंगल ले जाया जाएगा, जहां कंप्यूटर से संबंधित कार्य कराया जाएगा।

वही आफताब को बॉर्डर के पास तीन घायल युवक मिले जिन्होंने बताया कि हम सभी लोगों को नौकरी का लालच दिया गया था, और गोल्डन ट्रायंगल ले जाकर एक बिल्डिंग में कैद कर साइबर फ्रॉड कराया जाता था, और गलत काम से मना करने पर मारपीट व अमानवीय व्यवहार किया जाता था। वही सच्चाई जानकर आफताब उन तीनों के साथ वहां से भाग निकला। एयरपोर्ट पहुंचने पर मोहम्मद साद ने उसे फोन कर वापस गोल्डन ट्रायंगल लौटने का दबाव बनाया।

वही मोहम्मद साद ने: आफताब को पैसे और वेश्यावृत्ति का लालच देकर उसका पासपोर्ट एक महिला को सौंपने के लिए कहा, लेकिन आफताब ने इनकार किया और भारत लौट आया। पूछताछ में बड़े खुलासे हुए खलील के मोबाइल से बरामद सामग्री में पाया गया कि
आफताब को विदेश भेजने से संबंधित वीज़ा, पासपोर्ट, हवाई टिकट, चैट खलील ने स्वीकार किया कि साद ने उसे बताया था— कंप्यूटर में दक्ष युवकों को साइबर कंपनियों में भेजने पर प्रति व्यक्ति ₹40,000–50,000 मिलेंगे। और खलील के बैंक खाते में साद द्वारा ₹10,000 एडवांस भेजा जाना पाया गया। और वही
खलील मुबारकपुर व टांडा में युवकों को थाईलैंड/विदेश भेजने का लालच दे रहा था।

मोहम्मद साद के मोबाइल से बरामद सामग्री आफताब का गोल्डन ट्रायंगल की एक कंपनी में इंटरव्यू कराया गया। कंपनी के प्रोफाइल में इंटरनेट एवं बिटकॉइन संबंधी गतिविधियाँ दर्ज।

कंपनी के HR की चैट में साद से कंप्यूटर में दक्ष और युवकों की भर्ती करने को कहा गया।

एक रिकॉर्डिंग में व्यक्ति साद से कहता पाया गया— अलीबाबा कंपनी में एक ऑनलाइन क्लाइंट फँसाने पर 30% कमीशन मिलता है।” क्लाइंट को विश्वास में लेने के बाद मॉडल और लड़कियां आगे का काम करती हैं।” साद के पासपोर्ट के अवलोकन से उसका गोल्डन ट्रायंगल स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में आना-जाना प्रमाणित हुआ।
व्हाट्सएप चैट में साद द्वारा कॉल सेंटर के लिए लोगों की भर्ती करना भी पाया गया।

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