साकेत न्यूज काशी मिश्रा
अम्बेडकर नगर सितंबर यानी आज साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान होगा. जब भी चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देता है तो उसका सूतक काल भी लागू होता है. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी भारत में मान्य होगा, जिसमें कई शुभ कार्य व अनुष्ठान वर्जित हैं. सूतक काल के बाद ग्रहण के बीच एक समय ऐसा भी आएगा, जब चंद्र ग्रहण अपने पीक पर होगा. यही वो समय होगा, जब दुनियाभर में कई जगहों पर लोग पूर्ण चंद्र ग्रहण का नजारा देख
कब शुरू होगा चंद्र ग्रहण?
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि चंद्र ग्रहण आज रात 9.58 बजे शुरू होगा और इसका समापन देर रात 01.26 बजे होगा. चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 28 मिनट होगी। स्नान: चंद्र ग्रहण शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद स्नान जरूर करें. स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल जरूर मिलाएं. इससे ग्रहण की नकारात्मक किरणों का प्रभाव खत्म हो जाएगा.
दान: ग्रहण समाप्त होने के बाद गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या इस्तेमाल होने वाली चीजें दान करना शुभ होता है. आप चावल, दूध, चीनी, घी, वस्त्र या सामर्थ्य के अनुसार चांदी भी दान कर सकते हैं.
तुलसी के पत्ते: चंद्र ग्रहण और सूतक काल शुरू होने से पहले ही घर में रखी खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते जरूर डाल दें. इससे ग्रहण की नकारात्मक किरणों को प्रभाव
अपने भोजन या पानी को दूषित नहीं करेगा.
चंद्र ग्रहण में क्या न करें?
भोजन पकाना या खाना: सूतक काल शुरू होने के बाद के खाना पकाना या भोजन करने से परहेज करें.शुभ कार्य: सूतक काल शुरू होने के बाद कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य न करें. किसी नए काम की शुरुआत भी न करें.मूर्ति स्पर्श: सूतक काल लगने के बाद मंदिर के कपाट बंद रहते हैं. पूजा-पाठ भी बंद रहती है. ऐसे में आप घर के मंदिर या उसमें रखीं भगवान की प्रतिमाओं को स्पर्श न करें.
धारदार वस्तुएं: नुकीली या धारदार वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि का इस्तेमाल न करें. गर्भवती महिलाओं इस मामले में विशेष सावधानी बरतें.गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलने से परहेज करें. बेहतर होगा कि ग्रहण काल में आप घर की खिड़की-दरवाजों को अच्छी तरह से बंद कर लें शमशान: ग्रहण काल के दौरान शमशान या सुनसान जगहों पर जाने से बचें. जिन लोगों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है या फिर रोगी-बुजुर्गों को भी ऐसी जगहों पर जाने से बचना चाहिए।



