साकेत न्यूज संवाददाता अम्बेडकर नगर
अंबेडकरनगर जिले के एकमात्र महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बलिया जिले की एक छात्रा ने फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के जरिए एमबीबीएस कोर्स में दाखिला हासिल कर लिया। लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सतर्कता ने छात्रा के इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया, जिसके बाद उसका दाखिला तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
बलिया जिले की निवासी हर्षिता रंजन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित उपश्रेणी के तहत फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश लिया था। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जब इस प्रमाण पत्र की जांच शुरू की तो इसे सत्यापन के लिए बलिया जिले के जिलाधिकारी कार्यालय भेजा गया। जिलाधिकारी कार्यालय से मिले जवाब ने सबको चौंका दिया—उक्त कार्यालय ने साफ कर दिया कि उनके द्वारा ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया गया है!
प्रशासन ने लिया त्वरित एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एमबीबीएस कोर्स की काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है, जिसमें कुल 80 सीटों पर दाखिले हो रहे हैं। सभी छात्रों के दस्तावेजों की जांच जारी करने वाली संस्था से करवाई जाती है। हर्षिता रंजन के मामले में बलिया जिलाधिकारी कार्यालय की रिपोर्ट के आधार पर फर्जी प्रमाण पत्र का खुलासा हुआ, जिसके बाद छात्रा का दाखिला तत्काल रद्द कर दिया गया। साथ ही, इस रिक्त सीट को खाली घोषित कर दिया गया है।
कानूनी कार्रवाई शुरू, होगी सख्त सजा
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए दाखिला लेने वाली छात्रा के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने कहा, “यह एक गंभीर अपराध है। हमने संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” इस मामले ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के दुरुपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में 2% सीटें आरक्षित हैं।



