Homeअम्बेडकर नगरविश्व रेबीज दिवस” के उपलक्ष्य में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने किया वाद-विवाद...

विश्व रेबीज दिवस” के उपलक्ष्य में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने किया वाद-विवाद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

साकेत न्यूज संवाददाता अम्बेडकर नगर

महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में कल दिनांक 29सितम्बर को सरदार वल्लभ भाई पटेल प्रेक्षागृह में प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव के निर्देशन में विश्व रेबीज दिवस 28 सितम्बर के क्रम में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने अपने सम्बोधन में बताया कि कुत्तों से प्रेम की भावनात्मक अभिव्यक्ति के बजाए कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए अधिक व्यावहारिक अपनाना चाहिए, जिसमें ABC (Animal Birth Control) एवं जन्म नियंत्रण को बढ़ावा देना, कुत्तों को आवश्यक टीकाकरण और सावधानी नियंत्रण पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

उसके बाद डॉ. उमेश वर्मा उप प्रधानाचार्य ने अपने उद्बोधन में बताया कि रेबीज एकमात्र शत प्रतिशत जानलेवा है और समय रहते टीकाकरण से शत प्रतिशत बचाव भी संभव है। विश्व में प्रत्येक नौ मिनट में एक व्यक्ति की मृत्यु रेबीज इन्फेक्शन से हो जाती है, इसलिए कुत्तों, बिल्ली, बन्दर से सतर्क रहे एवं जागरूक हो कि काटने पर टीकाकरण अवश्य कराएं।

वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान टीम A डॉग लवर्स ने कहा कि कुत्ते हमारी पूरी जिंदगी नहीं हैं, लेकिन वे हमारी जिंदगी को पूरा बनाते है मै जितना ज्यादा लोगो को जनता हूं उतना ही ज्यादा मुझे कुत्तों से प्यार होने लगता है। कुत्ते का प्यार बिना शर्त होता है और यह ऐसी चीज है जिससे हमें अपने जीवन में सीख मिलती है।

जबकि टीम B डॉग रिगुलेटर्स ने अपने पक्ष में आवारा कुत्तों की समस्या से कैसे निपटें तथा सार्वजनिक रूप से आवारा कुत्तों को खाना खिलाना प्रतिबंधित किया जाना चाहिए और इसके लिये दंड का प्रावधान हो।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस वर्ष की थीम “Act Now you we & communities” के बारे में बोलते हुए डॉ. रामनिवास ने कहा कि यदि आप मैं और हमारा समाज मिलकर अभी कदम उठाए तभी रेबीज का अंत संभव है। डॉ. फहद ने रेबीज इन्फेक्शन की एपिडेमियोलॉजी के बारे में बताते हुए कहा कि विश्व में प्रतिवर्ष 60,000 मृत्यु रेबीज से होती है, जबकि भारत में सबसे अधिक मृत्यु लगभग 20,000 प्रतिवर्ष रेबीज से हो जाती है। इसलिए जानवरों कुत्ता,बिल्ली,बन्दर, सियार के काटने पर घाव को पहले 15 मिनट तक साबुन व साफ पानी से धुलने के उपरांत बीटाडीन लगाए ,इसके बाद टीकाकरण अवश्य कराएं।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हर्ष व डॉ. किशन कश्यप ने किया। इस कार्यक्रम में सभी संकाय सदस्य, कर्मचारी,इंटर्न, पी.जी. जे.आर. व छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

अंत में टीम B को विजेता घोषित करते हुए पुरस्कार वितरण उपरांत कार्यक्रम का समापन हुआ।

कैसे करें बचाव

सतर्क रहें, जागरूक नागरिक बनें।जानवरों के काटने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल या सेंटर में रेबीज इंजेक्शन लगवाएं। जानवर के काटने पर घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन पानी से धोकर बीटाडीन लगाएं।भ्रम/मिथ्या से दूर रहें।

    RELATED ARTICLES
    Jharkhand
    few clouds
    28.9 ° C
    28.9 °
    28.9 °
    15 %
    2.1kmh
    16 %
    Fri
    37 °
    Sat
    38 °
    Sun
    39 °
    Mon
    39 °
    Tue
    37 °

    Most Popular

    error: Content is protected !!