साकेत न्यूज संवाददाता अम्बेडकर नगर
अध्यापकों के विवाद का खामियाज़ा बच्चों को
अम्बेडकर नगर। विकास खण्ड टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा मदारपुर का प्राथमिक विद्यालय इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और आपसी विवादों की भेंट चढ़ गया है। एमडीएम रसोई घर से लेकर क्लास रूम तक बदहाली का बादल छाया हुआ है। सहायक अध्यापकों एवं हेड मास्टर सुधीर रंजन के बीच चल रहे विवाद ने विद्यालय का शैक्षिक वातावरण दूषित कर दिया है, जिसका सीधा असर छात्र–छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
हेड मास्टर पर तीन माह पहले लगे थे 15 बिंदुओं पर गंभीर आरोप
करीब तीन महीने पूर्व सहायक अध्यापकों और शिक्षा मित्रों ने हेड मास्टर सुधीर रंजन के खिलाफ 15 बिंदुओं पर गंभीर आरोपों के साथ खण्ड शिक्षा अधिकारी अकबरपुर को लिखित शिकायत दी थी। आरोपों में— रसोइयों की अनुपस्थिति में वेतन कटौती, महिला अध्यापकों से भेदभाव आपत्तिजनक फोटो खींचने का आरोप,
विद्यालय में फर्जी नामांकन,
एमडीएम मद में अनियमितता जैसी बातें शामिल थीं।
हालाँकि इन आरोपों की जांच को लेकर कोई आधिकारिक कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई और अधिकतर आरोप निष्क्रिय बताए जा रहे हैं।
विवाद बढ़ा, एक महिला अध्यापक का स्थानांतरण—दूसरी आज भी तैनात विवाद बढ़ता देख खण्ड शिक्षा अधिकारी ने दो महिला शिक्षकों का स्थानांतरण कर दिया था, लेकिन आज भी एक अध्यापिका विद्यालय में बनी हुई हैं, जिससे विवाद शांत होने के बजाय और बढ़ता दिख रहा है। हेड मास्टर का स्थानांतरण, एमडीएम ठप – बच्चों को टिफिन लाने पर मजबूर तीन महीने पूर्व हेड मास्टर सुधीर रंजन को गोहनिया प्राथमिक विद्यालय भेज दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके जाने के बाद से विद्यालय की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। वर्तमान में इंचार्ज सहायक अध्यापक एजाज अहमद हैं। विद्यालय में पिछले एक सप्ताह से एमडीएम पूरी तरह बंद है, जिस कारण बच्चों को घर से नाश्ता व टिफिन लाना पड़ रहा है।
शिक्षामित्र अजय कुमार ने स्वीकार किया कि –
एमडीएम के लिए धन आवंटन नहीं हुआ,
एजाज अहमद ने रसोई घर पर ताला लगा दिया,
हर शुक्रवार दोपहर नमाज़ के बाद इंचार्ज स्कूल से अनुपस्थित हो जाते हैं।
सफाई ध्वस्त, गेट बंद, बच्चे जमीन पर बैठने को मजबूर
स्थानीय जांच में सामने आया कि
विद्यालय में शौचालयों की सफाई महीनों से नहीं हुई,
विद्यालय परिसर में बदबू फैली है,
सफाई कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं,
कई कक्षाओं में बेंच–डेस्क नहीं, बच्चे टाट के बोरे पर बैठने को मजबूर,
ठंड में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे हैं,
विद्यालय गेट अक्सर ताला बंद, अधिकारी के आने पर ही खोला जाता है।
एक अध्यापिका खुद मुंह पर रुमाल लगाकर कुर्सी पर बैठी दिखाई पड़ीं।
हेड मास्टर सुधीर रंजन की वापसी की माँग
ग्रामीणों व अभिभावकों ने बताया कि जब से हेड मास्टर सुधीर रंजन का तबादला हुआ, तब से बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है,
विद्यालय में अव्यवस्था बढ़ी है।
ग्रामीणों का कहना है कि—
“सुधीर रंजन सभी से मानवीय व्यवहार करते थे, उसी कारण बच्चों की पढ़ाई भी बेहतर चलती थी। हम उनकी पुन: तैनाती की माँग करते हैं।”
बड़ा सवाल – विवाद की भेंट चढ़ती शिक्षा
शिक्षा विभाग के भीतर का यह विवाद अब बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर सीधा प्रहार कर रहा है। अगर समय रहते व्यवस्था सुधारी नहीं गई, तो मदारपुर के सैकड़ों नौनिहालों का भविष्य अधर में लटक रहा है।



