साकेत न्यूज काशी मिश्रा
कार्तिक कृष्ण पक्ष में अमावस्या तिथि दो दिन होने से दीपावली को लेकर लोगो में संशय की स्थिति बनी हुई है। इस पर्व में अमावस्या तिथि प्रदोष काल एवं रात्रि में व्याप्त होने पर ही दीपावली मनाया जाता है। ऐसे में प्रदोष व रात्रि व्यापिनी अमावस्या में 20 अक्टूबर सोमवार को दीपोत्सव का महापर्व दीपावली मनाया जाएगा। इस दिन सनातन धर्मावलंबी अपने घर, कार्यालय, कारखानों में मां महालक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना कर धन, वैभव, ऐश्वर्य की कामना करेंगे।
इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर 02:32 बजे से शुरू होगा। जो अगले दिन 21 अक्टूबर मंगलवार की शाम 04:26 बजे तक रहेगा। दीपावली के दिन शुभ-लाभ हेतु गणेश-लक्ष्मी के साथ कोश वृद्धि के लिए कुबेर व सरस्वती, पंचदेव, नवग्रह सहित गणेश-अम्बिका का पूजन होगा। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश कुमार मिश्रा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि दीपावली का पर्व हस्त नक्षत्र व वैधृति योग में मनाई जाएगी। ग्रह-नक्षत्रों के शुभ योग एवं संयोग में महालक्ष्मी पर्व सुख-समृद्धि देता है। इस नक्षत्र में लक्ष्मी-गणेश की पूजा एवं अन्य धर्मकृत्य करना शुभ होगा।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश कुमार मिश्रा के अनुसार दीपावली की रात्रि को लक्ष्मी जी के साथ गणेश पूजन का धार्मिक, अध्यात्मिक, तांत्रिक एवं भौतिक सभी दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर धन-संपदा प्रदान करें तथा उस धन को प्राप्त करने में हमें कोई भी कठिनाई या विघ्न ना आए, हमें आयुष्य प्राप्त हो, सभी कामनाओं की पूर्ति हो तथा सभी सिद्धियां भी प्राप्त हों । ऐसे में मां लक्ष्मी के साथ गणेश की पूजा होती है।



